चंबा अस्पताल में स्टाफ का टोटा

चंबा। क्षेत्रीय अस्पताल चंबा में स्टाफ की कमी के चलते स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। मौजूदा चिकित्सकों के कमरों के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। इससे मरीजों सहित चिकित्सकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में दिन प्रतिदिन मरीजों की तादाद में हो रही बढ़ोतरी से मौजूदा चिकित्सीय स्टाफ को अतिरिक्त कार्य करना पड़ रहा है। अस्पताल में चार चिकित्सकों के और स्टाफ नर्सों के दर्जन पद खाली चल रहे हैं। स्टाफ की कमी के चलते मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल रहा है। इससे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वर्तमान में जिला अस्पताल में 18 के करीब चिकित्सक और लगभग 29 स्टाफ नर्सें सेवाएं दे रही हैं। कई बार जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण मरीजों के तीमारदारों और चिकित्सकों के बीच बहस हो जाती है। जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों, फार्मासिस्ट, रेडियोग्राफर के अतिरिक्त पद भरने की भी सख्त जरूरत है। इसकी व्यवस्था करने की मांग जिला अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ पहले ही कर चुका है। स्टाफ की कमी का खामियाजा जिला के मरीजों को झेलना पड़ रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के चलते कई मरीजों को जिला के बाहर रेफर करना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग विभागीय कर्मचारियों व अधिकारियों के पदों का ब्यौरा हर माह सरकार को भेजता है। सरकार इन खाली पदों को भरने में रुचि नहीं दिखा रही है।
क्षेत्रीय अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि स्टाफ की कमी के बारे में हर माह बाद विभाग व सरकार को रिपोर्ट भेजी जाती है। खाली पदों को भरना सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय है। अस्पताल प्रबंधन मरीजों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में जुटा हुआ है।

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